What Is Digital Marketing In Hindi?

What Is Digital Marketing In Hindi? | डिजिटल मार्केटिंग क्या है?

What Is Digital Marketing In Hindi? – दोस्तों आज के इस ब्लॉग मे हम बात करने वाले है की डिजिटल मार्केटिंग क्या है? ( Digital Marketing Kya Hai? ) और इससे रिलेटेड सभी तरह के टॉपिक को इस ब्लॉग मे कवर करेंगे जिससे की आपको इसके बारे मे सही से जानकारी हो ताकि आप लोगो तक सही जानकारी शेयर कर सको।

अभी के समय मे सभी लोगो को डिजिटल मार्केटिंग के बारे मे जानना होता है क्योंकि लोगो के द्वारा वो सुन सुन के इसके बारे मे पक जाते है और इसके बारे मे जानना चाहते है की आखिर ये होता क्या है? और इसका उपयोग लोग कहाँ करते है तो चलिए अब जानते है की Digital Marketing Kya Hota Hai? 

डिजिटल मार्केटिंग क्या है? ( What Is Digital Marketing In Hindi?)

डिजिटल मार्केटिंग एक प्रकार के मार्केटिंग होता है जिसमे आप अपना बिजनस का अनलाइन और इंटरनेट के माध्यम से Promote करते है और ये अभी के समय मे सभी लोग कर रहे है क्योंकि अभी के समय मे ज्यादा से ज्यादा लोग इंटरनेट पर रहने लगे है जिससे की उनको टारगेट करना उतना ही आसान हो गया है।

इसका सीधा से उदाहरण ये है की जब आप फेसबूक चलाते है तो उस समय आपके सामने Ads आते है, तो वो Ads जिसके मेथड के द्वारा आपके सामने शो हो रहा है तो उसको ही डिजिटल मार्केटिंग कहते है, और इसका सबसे बढ़िया बात ये है की वो आपको वो ही Ads दिखाएगा जिसमे आप Interested हो।

क्योंकि जब आप किसी चीज को सर्च करते है तो उसका Cache फाइल आपके Browser मे सेव हो जाता है जिसके कारण सर्च इंजन को ये मालूम चल जाता है की आप किस चीज मे Interested है और अगर उस चीज से रिलेटेड अगर कहीं कोई Ads चलाया होगा तो वो आपको शो होने लगेगा जिसके कारण आपका Conversion बनने का ज्यादा चांस रहता है।

तो अगर आपका भी छोटा या बड़ा बिजनस है और आप भी अपना लोकल शहर मे Advertise करना चाहते है तो आपको इससे अच्छा कहीं जगह नहीं मिलने वाला है और इसके द्वारा आपको कम पैसे मे ज्यादा से ज्यादा ऑडियंस मिलेंगे और वो भी आपके ही प्रोडक्ट से रिलेटेड जिससे की आपका ज्यादा से ज्यादा कन्वर्शन आने का चांस रह जाएगा।

डिजिटल मार्केटिंग के प्रकार ( Types of Digital Marketing)

डिजिटल मार्केटिंग के अगर स्वरूप के बात करे तो बहुत है जिनमे से कुछ निम्नलिखित है-

सर्च इंजन औप्टीमाइज़ेषन ( Search Engine Optimization {SEO} )

जैसा की नाम से ही पता चल रहा है की अपना वेबसाईट को सर्च इंजन के लिए सही से Optimize करना जिससे की आपका वेबसाईट जल्दी से रैंक करे और ऊपर से आप अपना वेबसाईट पर ज्यादा से ज्यादा ऑर्गैनिक ट्राफिक लाकर अपना बिजनस को बढ़ावा दे सके और वहाँ से कुछ Conversion पा सके।

अगर आप अपना एक वेबसाईट बनाते है तो इस चीज का आपको हमेशा जरूरत पड़ेगा क्योंकि इसी के द्वारा आप अपना वेबसाईट को रैंक कर सकते है और अभी के समय मे जितना भी वेबसाईट बना है सब के सब इसी के द्वारा रैंक कर रहे है और डिजिटल मार्केटिंग मे सबसे ज्यादा जरूरत इसी चीज का है।

अगर आप अपना वेबसाईट को बिना प्रमोट कीये अपने बिजनस को चलाना चाहते है तो इससे अच्छा कुछ है ही नहीं क्योंकि इसी के द्वारा लोग अपना बिजनस भी चलाते है और वहाँ से पैसा भी कमा रहे है, लेकीन उसके लिए आपको इसके बारे मे जानना जरूरी होगा और अगर आप इसके बारे मे जानना चाहते है तो यहाँ से पढ़ सकते है – What Is SEO In Hindi

कंटेन्ट मार्केटिंग ( Content Marketing )

अभी के समय मे लोग अनलाइन पैसा कमाने के लिए कंटेन्ट लिखकर अपने वेबसाईट पर डाल रहे है जिसको की कंटेन्ट मार्केटिंग कहते है और इससे होता ये है की आपके वेबसाईट पर Ads शो होता है और जैसे ही लोग उस Ads पर क्लिक करते है तो उसके बदले मे आपको पैसे मिलते है, तो इसलिए लोग कंटेन्ट मार्केटिंग पर ज्यादा ध्यान दिए हुए है।

और दूसरा ये है की आप अपना कंटेन्ट के माध्यम से अपना टारगेट ऑडियंस तक पहुँच सकते है क्योंकि जब सर्च इंजन पर कुछ सर्च किया जाएगा तो आपका ब्लॉग वहाँ पर शो होने लगेगा और इसके वजह से लोग उसपर क्लिक करेंगे और आपके वेबसाईट तक आएंगे और वहाँ से आपका कन्वर्शन बन सकते है।

इसलिए अगर आपका भी बिजनस वेबसाईट है तो ट्राइ करे की आप भी अपना ब्लॉग बनाए और वहाँ पर अपना कंटेन्ट डालते रहे जिससे की आपका कंटेन्ट जल्दी से रैंक करे और जब रैंक करेगा तो वहाँ से आपके ब्लॉग मे ट्राफिक आएगा और वहाँ से आपका कन्वर्शन बन जाएगा। तो इस बात का आप ध्यान रख सकते है।

सोशल मीडिया मार्केटिंग  (Social Media Marketing )

सोशल मीडिया मार्केटिंग के मतलब होता है की आप सोशल मीडिया पर अपना बिजनस का Advertise करते है जिससे की आपका बिजनस जल्दी से जल्दी ग्रो होता है और वहाँ से ज्यादा से ज्यादा कन्वर्शन मिलने का चांस रहता है क्योंकि वो आपके टारगेट ऑडियंस होते है और हमेशा टारगेट आदमी को कन्वर्ट होने मे ज्यादा समय नहीं लगता है।

आप जब भी किसी भी चीज को सर्च करते होंगे तो उस समय आप नोटिस करते होंगे की जहां पर भी Ads शो होता है तो उसी चीज से रिलेटेड शो होगा जो की आपने सर्च किया है क्योंकि अब सर्च इंजन जान गया है की आपको क्या चीज के अभी जरूरत है और इसी के कारण आपके सामने उससे रिलेटेड Ads शो करेगा।

सोशल मीडिया मे हर वो चीज आता है जहां पर Ads शो हो रहा हो जैसे की सोशल मीडिया मे यूट्यूब, फेसबूक, इंस्टाग्राम, लिंकेडीन इत्यादि आता है और यहाँ पर जितना भी Ads शो होते है तो समझ जाइए की सोशल मीडिया मार्केटिंग के द्वारा इसको मैनेज किया जा रहा है।

ईमेल मार्केटिंग (Email Marketing)

आप कभी कभी देखते होंगे की किसी वेबसाईट मे जाते है तो वहाँ पर ईमेल माँगता है और जब आप उसको सबस्क्राइब कर लेते है तो वो जब चाहे तब आपको ईमेल करते रहता है जिससे की उसका कन्वर्शन हो जाए, जैसे की अगर मैं कपड़ा का बिजनस खोल हूँ और मेरे पास लोग आ रहे है और उनसे मैं उसका मोबाईल नंबर मांग लेता हूँ और हर एक दो दिन रुक के उनको मैसेज भेजता रहूँ की मेरे पास अभी ये कपड़ा आया है तो इससे ज्यादा चांस है की मेरा कन्वर्शन आ जाए।

तो बिल्कुल उसी तरह ईमेल मार्केटिंग का भी उपयोग होता है जिससे की अगर आप किसी के वेबसाईट मे जाते है तो वो अगर आपसे रिलेटेड रहा तो आप उसको अपना ईमेल प्रवाइड करते है जिससे की जब भी वो पोस्ट डाले तो आपको उसके बारे मे मैसेज आ जाए तो वैसे मे वो अपना ईमेल मार्केटिंग भी कर लेते है और इससे उनको पैसे मिल जाते है।

यूट्यूब मार्केटिंग (YouTube Marketing )

यूट्यूब मार्केटिंग मे आप अपना बिजनस का मार्केटिंग विडिओ के माध्यम से करते है जैसे की अगर आपके पास कपड़ा का बिजनस है तो आप उसके बारे मे बता सकते है की अभी मार्केट मे ये कपड़ा चल रहा है और अगर आपको चाहिए तो नीचे दिए गए फोन नंबर पर कॉल करे जिससे की वहाँ से कन्वर्शन आ जाएगा।

और अगर आप किसी तरह के ज्ञान को शेयर करना चाहते है तो उसके लिए भी यूट्यूब पर अपना अलग ही मज़ा है जिससे की आप ज्ञान को शेयर करते करते उसके साथ आप पैसा कमा सकते है और इससे अच्छा कुछ बात नहीं हो सकता है की आपको विडिओ अपलोड करके पैसा कमाने का मौका मिले और Popularity अलग से मिलेगा।

तो अगर आपके पास  भी अगर ऐसा बिजनस या ज्ञान है तो आप अपना यूट्यूब चैनल खोल सकते है और वहाँ पर अपना बिजनस का प्रमोशन कर सकते है और उसके साथ साथ आप अपना पैसा भी बना सकते है।

अफिलिएट मार्केटिंग (Affiliate Marketing)

अफिलीएट मार्केटिंग आज के समय मे सभी लोग चाहते है करना और ये सबसे बढ़िया तरीका है जिससे की आप किसी के समान को बेच कर अपना कमिशन कमा लेते है, जैसे की अगर आपके पास एक कलम है और अगर मैं अपने द्वारा उस कलम को बेचवा देता हूँ तो उसका कुछ कमिशन हमे मिल जाएगा।

उसी प्रकार अभी के समय मे अगर किसी भी समान को अपना लिंक के द्वारा हम बेच देते है तो उसके बदले मे हमे कमिशन मिल जाएगा और सबसे बड़ी बात ये है की जो आदमी उस प्रोडक्ट को खरीद रहा होता है उसको पैसा उतना ही लगता है जितना पहले लगता लेकीन मेरे लिंक के द्वारा खरीदा इसलिए उसका कमिशन हमे मिला।

तो अगर आप भी ऐसा करना चाहते है तो आप आसानी से कर सकते है और वहाँ से पैसा कमा सकते है जो की अभी के समय मे ज्यादा ट्रेंड मे है।

Pay Per Click Marketing ( PPC Marketing )

Pay Per Click का मतलब होता है की अगर किसी के द्वारा आपका Ads पर क्लिक होता है तो जितना बार क्लिक होता है उसके हिसाब से आपका पैसा लगता है, और ये Search Engine Result Page ( SERP ) पर शो करता है और वहाँ से लोग जब आपके Ads पर क्लिक करते है तो उसके बदले मे आपसे चार्ज लिया जाता है।

जैसे की जब आप अपना बिजनस को प्रमोट करेंगे तो उस समय सर्च इंजन के द्वारा तो उतना जल्दी रैंक नहीं मिलेगा तो उसके लिए आप Ads चला सकते है जो की SERP मे शो करेगा और जितना बार लोग आपके Ads पर क्लिक करेंगे उतना बार आपका पैसा कटता रहेगा, और इसको सबसे ज्यादा अफिलीएट मार्केटिंग वाले लोग उपयोग करते है।

एप्स आप्टमज़ैशन (Apps Optimization)

इसका मतलब ये है की जब आप किसी तरह के Apps को Play Store मे डालते है तो उसके लिए SEO करना जिससे की आपका Apps का रैंकिंग बढ़े और ज्यादा से ज्यादा लोग उसका उपयोग कर सके, तो इस तरह के काम करने वाले लोग डिजिटल मार्कटर ही कहलाते है। और अगर आपका कोई ऐसा App है जो की नहीं रैंक कर रहा है तो उसके लिए आप Apps Optimization का मदद ले सकते है।

डिजिटल मार्केटिंग क्यो आवश्यक है ? ( Importance of Digital Marketing in Hindi)

अभी के समय मे लोग इसका उपयोग इसलिए कर रहे है क्योंकि इंटरनेट के जमाना है और उसके साथ साथ निम्नलिखित फायदे है जिसके बारे मे जानकर आप भी अपना बिजनस के लिए डिजिटल मार्केटिंग ही करने जाइएगा। –

Target Audience

अगर लोग कोई भी बिजनस शुरू करने जाते है तो उसके लिए सबसे पहले वो कस्टमर के जरूरत होता है जो की उनके बिजनस से रिलेटेड हो और ऐसे मे अगर आप रोड पर पम्पलेट बाँट कर सोच रहे है की लोग को आप अपना पास बुलाएंगे तो ये सबसे ज्यादा बड़ा गलतफहमी है क्योंकि टारगेट ऑडियंस तक आप जल्दी पहुँच ही नहीं पाएंगे।

लेकीन अगर आप वही अनलाइन इंटरनेट के माध्यम से एक बार मार्केटिंग करते है और सही से टारगेट करते है तो आपको ज्यादा से ज्यादा कस्टमर मिल जाएंगे और उसके लिए आपको ज्यादा पैसा भी देने की जरूरत नहीं है।  इसलिए अभी के समय मे सबसे ज्यादा डिजिटल मार्केटिंग या फिर अनलाइन मार्केटिंग का उपयोग हो रहा है।

जैसा की हम सब जानते है की अगर हमारे बिजनस से रिलेटेड लोग हमारे पास आएंगे तो उस समय हमारा कन्वर्शन बढ़ने का ज्यादा चांस रहेगा और हम ज्यादा प्रॉफ़िट कमा सकते है।

Cost Effective

हर एक बिजनस को चलाने के लिए कोस्ट और बजट सही होना बहुत ज्यादा जरूरी है तभी हम अपना बिजनस को जल्दी से ग्रो कर सकते है और अपना काम कर सकते है, अगर आप डिजिटल मार्केटिंग के मदद से अपना बिजनस को प्रमोशन करवाते है तो आपको कम से कम पैसा लगेगा।

उदाहरण के लिए अगर आप ट्रडिशनल जिसको की ऑफलाइन मार्केटिंग कहते है तो अपने बिजनस के लिए करते है तो उसमे आपको पम्पलेट को छपने मे 1 रुपया लगता है और एक रुपया उसको बँटने मे लगता है और उसके बाद वाहन मे 1 रुपया लगता है तो कुल मिलकर आपको एक पम्पलेट बँटने मे 3 रुपया लगता है।

और ऐसे मे अगर आपको 1000 पर्ची बांटना हो तो उसमे आपको 3000 रुपया लग जाएगा, लेकीन अगर वही आप डिजिटल मार्केटिंग के मदद से 1000 रुपया लगाते है तो आप 3000 से ऊपर लोगो तक पहुँच सकते है और ऊपर से सभी के सभी टारगेट वाले कस्टमर होंगे जिससे की आपका कन्वर्शन ज्यादा आएगा। और अगर आप 3000 रुपया लगा देते है तो आप 10000 से भी ऊपर के कस्टमर तक पहुँच सकते है जिससे की आपका फायदा होगा।

Tracking Tool

इसका मतलब ये है की आप किस जगह मे कितना पैसा लगाए है और कितना लोग उसपर क्लिक कीये है उसके बारे मे सब डीटेल मे जानकारी रहेगा जिससे की आपको मालूम चल सकते है की आपने कौन सा Ads चलाया है जिससे की आपका ज्यादा कस्टमर आ रहा है और अगर आपने मल्टपल Ads चलाया हुआ है तो एक को आप बंद कर सकते है।

जिससे की आपको पैसा बच जाएगा और वही पैसा को सही वाला Ads पर लगाकर और ज्यादा से ज्यादा कस्टमर को कन्वर्ट कर सकते है, तो ये फसिलिटी सिर्फ और सिर्फ इसी मे मिलता है।

Control Over Ads

इसका मतलब ये है की अगर आपको लगता है की आपका एक Ads सही से काम नहीं कर रहा है या वहाँ से आपके Conversion नहीं आ रहा है तो उस समय आप उसको रोक सकते है जिससे की आपका जितना पैसा लग गया सो लग गया उसके बाद वाला Ads आपका रुक जाएगा और आपका उतना पैसा बच जाएगा। जो की Traditional Marketing मे नहीं होने वाला है और अभी के समय मे लोग इसीलिए इसमे शिफ्ट हो रहे है।

High Reach

और जैसे की हमने पहले ही बताया की इसमे कम पैसे मे आप ज्यादा से ज्यादा लोगो तक आसानी से पहुँच सकते है तो ये सबसे बड़ा Positive Point है क्योंकि इसी से आपका काम चलने वाला है।

डिजिटल मार्केटिंग और ट्रडिशनल मार्केटिंग मे अंतर ( Digital Marketing VS Traditional Marketing )

Digital Marketing

Traditional Marketing

डिजिटल मार्केटिंग मे आप किसी भी बिजनस या प्रोडक्ट को अनलाइन प्रमोट करते हो।

ट्रडिशनल मार्केटिंग मे आप किसी भी बिजनस या प्रोडक्ट को ऑफलाइन प्रमोट करते हो।
इसमे आपको टारगेट ऑडियंस का फसिलिटी मिल जाता है जिससे की आपका कन्वर्शन रेट ज्यादा हो। इसमें आपको टारगेट ऑडियंस का फसिलिटी नहीं मिलता है बस आपको अपना पम्पलेट बांटना होता है।
इसमे आपको बिजनस को प्रमोट करने मे पैसा कम लगता है। इसमे आपको बिजनस को प्रमोट करने मे पैसा ज्यादा लगता है।
इसमे आपको Ads के ऊपर Control होता है जिससे की आप जब चाहो जिस भी Ads को चाहो बंद कर सकते हो। इसमे आपको कोई इस तरह का कंट्रोल नहीं होता है।
इसमे आपको Tracking मेथड मिल जाता है जिसके द्वारा आप ये ट्रैक कर सकते है की किस Ads के द्वारा आपके पास लोग आ रहे है। इसमे आपको किसी तरह के कोई मेथड नहीं मिल रहा होता है की आप पता कर सको की आपके किस जगह के पम्पलेट से लोग आए है।

भविष्य में डिजिटल मार्केटिंग की मांग  ( Future of Digital Marketing in Hindi )

फ्यूचर मे डिजिटल मार्केटिंग के मांग और ज्यादा बढ़ने वाला है क्योंकि आने वाला समय मे सभी लोग इंटरनेट पर ही देखने को मिलेंगे और अभी के समय मे भी स्टार्ट हो ही गया है जिससे की लोग आसानी से टारगेट कीये जा सकते है और सर्च इंजन इसमे मजबूत है ही की सही टारगेट ऑडियंस तक सही Ads को शो किया जाए।

आप अभी से ही अंदाजा लगा सकते है की अगर हम किसी जगह के बारे मे जानना होता है तो हम पहले इंटरनेट पर सर्च करते है और उसके बाद बताए गए पते पर पहुँच जाते है तो आने वाला समय मे तो और भी ज्यादा इसका महत्व रहेगा और टेक्नॉलजी के दुनिया मे चार चाँद लग जाएगा।

इसीलिए हम कह सकते है की डिजिटल मार्केटिंग के फ्यूचर एकदम उज्ज्वल और ब्राइट है, इसलिए अगर आप किसी बिजनस खोलने के प्लान मे है तो इसका जरूर एक बार उपयोग करिएगा जिससे की आपको फायदा सामने रहेगा।

डिजिटल मार्केटिंग की उपयोगिताएं  ( Uses of Digital Marketing in Hindi )

डिजिटल मार्केटिंग के फायदे निम्नलिखित है –

  • अगर आप अनलाइन पैसा कमाना चाहते है तो डिजिटल मार्केटिंग के मदद से आसानी से कमा सकते है जैसे की कंटेन्ट मार्केटिंग के द्वारा एक ब्लॉग वेबसाईट बनाकर या फिर विडिओ को यूट्यूब पर अपलोड करके पैसा कमा सकते है।
  • आप अपना बिजनस को ग्रो कर सकते है और टारगेट ऑडियंस तक आप आसानी से पहुच सकते है।
  • आप अपना Customer से Attached रहते है चाहे वो ऑफर से हो या फिर शॉपिंग के द्वारा हो, इससे आपके कस्टमर के अंदर आपके लिए Trust बनेगा और आपका बिजनस बढ़ते चला जाएगा।

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आशा करता हूँ दोस्तों की आपको आज का ब्लॉग पसंद आया होगा जो की डिजिटल मार्केटिंग क्या है? ( What Is Digital Marketing In Hindi? ) से रिलेटेड है और अगर आपको इससे रिलेटेड किसी तरह के मन मे डाउट हो तो नीचे कमेन्ट जरूर करे जिससे की आपका सवाल का जवाब जल्दी से मिल सके।

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