ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है? | What Is Operating System In Hindi

दोस्तों आज के इस ब्लॉग मे हम बात करने वाले है की ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है? ( What Is Operating System In Hindi? ) और इससे रिलेटेड सभी तरह के टॉपिक के बारे मे जानेंगे जिससे की इसके बारे मे आपको ज्यादा से ज्यादा जानकारी हो। तो चलिए बिना समय गवाए जानते है की Operating System Kya Hai?

Operating System Kya Hai? ( Operating System In Hindi )

ऑपरेटिंग सिस्टम एक प्रकार का सिस्टम सॉफ्टवेयर होता है जो की आपके कंप्युटर को काम करने मे मदद करता है, और ये आपके कंप्युटर के लिए सबसे ज्यादा जरूरी होता है क्योंकि इसी के द्वारा आपका कंप्युटर मे सभी तरह के काम होता है।  ऑपरेटिंग सिस्टम के बहुत सारे उदाहरण है जैसे की – Windows 10, Windows 7, Windows, Linux इत्यादि सभी के सभी ऑपरेटिंग सिस्टम है।

हर एक कंप्युटर या लैपटॉप को चलने के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम की जरूरत होती है जिसपर तरह तरह के Application Software जैसे की Photoshop, Tally, Microsoft Office इत्यादि का उपयोग होता है, अगर आपको अपने कंप्युटर पर काम करना है तो आपको हर हाल मे ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग करना होगा।

Operating System को शॉर्ट फोरम मे OS भी कहा जाता है और ये यूजर और कंप्युटर के जीतने भी हार्डवेयर होते है उनके बीच का Interface प्रवाइड करता है जिससे कि यूजर कंप्युटर का उपयोग कर पाता है,

Operating System Ke Example ( Example Of Operating System In Hindi )

पूरी दुनिया के वो सभी सिस्टम सॉफ्टवेयर जिसके बिना कोई कंप्युटर या मोबाईल नहीं चल सकता है वो सभी के सभी Operating System है। जैसे की –

  • Windows Operating System
  • Linux Operating System
  • Mac OS
  • IOs
  • Android

ऊपर दिए गए सभी नाम एक प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम है और अगर ये सब नहीं रहे तो आपका कोई भी कंप्युटर या मोबाईल नहीं चल सकता है।

Work Of Operating System In Hindi ( ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्य )

हर चीज का अलग अलग काम होता है तो उसी प्रकार ऑपरेटिंग सिस्टम के भी बहुत सारे कार्य है जिसके बारे मे अभी हम जानते है और ये तभी से काम करने लगता है जबसे आप अपने कंप्युटर को ऑन करते है –

  • Memory Management
  • Process Management
  • Device Management
  • File Management
  • Security
  • System Performance
  • Software और यूजर के बीच Interface करना
  • Error बताना

Memory Management

जैसा की हम सब जानते है की कंप्युटर मे दो तरह के मेमोरी होता है – Primary Memory (RAM) और Secondary Memory (ROM), तो ऑपरेटिंग सिस्टम ये दोनों चीजों को मैनेज करता है, Main Memory ( RAM ) सबसे ज्यादा तेज चलने वाला मेमोरी है और जैसे ही कंप्युटर ऑन होता है तभी से इसका काम शुरू हो जाता है।

रैम मे कुछ फाइल को सेव रखा हुआ रहता है जिसका उपयोग हम करते है और जैसे ही कंप्युटर बंद होता है वो स्टॉरिज खाली हो जाता है इसिलए उसको Temporary Memory कहते है।

Process Management

कंप्युटर का उपयोग Multitasking के लिए किया जाता है और ऐसे मे अगर आपके कंप्युटर मे Process Management सही नहीं रहता है तो किस Process को कितना Value देना है उसके बारे मे नहीं मालूम चलता है और ऐसे मे आपका काम स्लो होता है इसीलिए Process Management का उपयोग किया जाता है जिसमे सभी को Equal Equal Value दिया जाए जिससे काम आसानी से हो जाए।

Device Management

कंप्युटर हो या लैपटॉप दोनों मे Hardware को काम करने के लिए Driver की जरूरत होती है और ऐसे मे Device Manager ही ऐसा एक फीचर है जिससे की आप अपने ड्राइवर के बारे मे पता कर सकते है और आप अपने ड्राइवर को वहाँ से अपडेट कर सकते है जिससे की अगर किसी तरह के कोई ड्राइवर अपडेट नहीं हो और सही से काम नहीं कर रहा हो तो उस समय वो सही से काम करे।

कंप्युटर के हर Hardware जैसे की Keyboard, Mouse, Printer, Speaker, USB Port इत्यादि सभी तरह के हार्डवेयर का एक ड्राइवर होता है जिसके मदद से आपका ऑपरेटिंग सिस्टम और कंप्युटर के हार्डवेयर के बीच Interface बन पाता है और वो सही से काम करता है।

 File Management

जैसा की नाम से ही पता चल रहा है की ये फाइल के बारे मे जानकारी रखता है और उसके अनुसार काम करता है, किस चीज को कौन सा फाइल चाहिए और कहाँ पर रखा हुआ है ये सब का जानकारी यही रखा हुआ होता है इसलिए अगर आपसे कोई पूछे की कंप्युटर मे फाइल की जानकारी कौन रखता है तो उस समय आपको बोलना है File Management।

Security

आप जब अपने कंप्युटर को ऑन करते है तो उस समय आपसे लोग इन पासवर्ड मांगा जाता है जिसको आपको डालने के बाद ही आपका कंप्युटर ऑन होता है और सही से काम करता है, तो ये एक प्रकार का सिक्युरिटी का ही हिस्सा है जिससे की आप अपना कंप्युटर को Safe रखते है और बिना पासवर्ड जाने कोई आपके कंप्युटर को नहीं खोल सकता है।

System Performance देखना

सिस्टम परफॉरमेंस का मतलब है की आपका कंप्युटर कैसा काम कर रहा है फास्ट कर रहा है की स्लो कर रहा है ये सब यही मैन्टैन करता है और अगर जरूरी पड़े तो आपके कंप्युटर के स्पीड को बढ़ाना इत्यादि इसी का देख रेख होता है।

Software और यूजर के बीच Interface करना

ये आपके कंप्युटर मे उपयोग हो रहे है सॉफ्टवेयर और यूजर के बीच का Interface बनता है जिसके मदद से यूजर किसी भी प्रकार का सॉफ्टवेयर का उपयोग कर सकता है।

Error बताना

अगर आपके कंप्युटर मे किसी तरह के कोई प्रॉब्लेम आता है या फिर एरर आता है तो ऑपरेटिंग सिस्टम का काम है की वो आपके कंप्युटर से प्रॉब्लेम को निकाले और उसके बाद उसको Solve करे।

Types Of Operating System ( OS ) In Hindi ( Operating System Ke Prakar )

कंप्युटर मे ऑपरेटिंग सिस्टम दो तरह के होते है –

  • GUI ( Graphic User Interface )
  • CLI  ( Command Line Interface )

Graphic User Interface

इस ऑपरेटिंग सिस्टम का मतलब होता है की वैसे ऑपरेटिंग सिस्टम जो ग्राफिक जैसा काम करते हो और उसमे हम किसी भी चीज को देखकर और फ़ील करके काम कर सके, जैसे की Windows 10, Windows 7, Windows 11, Windows 8 इत्यादि सभी एक ग्राफिक यूजर इंटरफेस ऑपरेटिंग सिस्टम है।

Command Line Interface

इस तरह के ऑपरेटिंग सिस्टम मे हर काम कमांड के जरिए होता है और इसको आप कमांड के ही द्वारा चला सकते है और हर कमांड को आपको याद करना होगा तभी आप सही से काम कर सकेंगे। जैसे की – Linux, Unix, MS Dos इत्यादि सभी एक प्रकार के कमांड लाइन इंटरफेस है।

अगर हम Mode के अनुसार बात करे तो ऑपरेटिंग सिस्टम दो तरह के होते है –

  • Network Operating System
  • Client Operating System
Network Operating System Client Operating System
Windows 2012 Server Windows 10
Windows 2008 Server Windows 8, 8.1
Windows 2003 Server Windows 7
Windows 2000 Server Windows Vista
Linux Windows XP
Unix Windows 95/98
Netware MS DOS

Advantage Of Operating System In Hindi (ऑपरेटिंग सिस्टम के लाभ)

  • ये सबसे ज्यादा फायदा नए यूजर के लिए होता है क्योंकि इसको वो आसानी से चला सकते है Graphic User Interface होने के कारण उनको किसी तरह के कोई परेशानी नहीं होती है।
  • अगर हम किसी डाटा को किसी जगह शेयर करना चाहते है तो वो आसानी से शेयर कर सकते है।
  • ऑपरेटिंग सिस्टम के द्वारा हम अपने प्रिंटर को किसी और यूजर के साथ शेयर कर सकते है जिससे की वो भी अपना प्रिन्ट निकाल सके और हम भी अपना प्रिन्ट निकाल सके।
  • ऑपरेटिंग सिस्टम को अगर अपडेट करना है तो वो आसानी से हम कर सकते है।
  • ये Secure होता है क्योंकि इसमे आपको Windows Defender दिया जाता है जिसके मदद से हानिकारक फाइल को हम आसानी से रिमूव कर सकते है और ये एक सही तरीका है कंप्युटर को सिक्युर रखने का।
  • इसमे हम तरह तरह के गेम या Application का उपयोग कर सकते है।

Disadvantage Of Operating System In Hindi ( ऑपरेटिंग सिस्टम के हानि )

  • कुछ ऑपरेटिंग सिस्टम ओपन सोर्स होते है जिसको जब हम चाहे तब उसका उपयोग कर सकते है और कुछ महंगे होते है जैसे की अगर हम विंडोज़ 10 का बात करे तो वो अभी 5000 से लेकर 10000 के बीच मे आएगा।
  • अगर हम कमांड लाइन इंटरफेस लेते है तो उसमे नए यूजर नहीं चला पाएंगे।
  • ऑपरेटिंग सिस्टम  कभी कभी हार्डवेयर को सपोर्ट नहीं करता है जो की सबसे गलत बात है।

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Conclusions Of Operating System 

दोस्तों आशा करता हूँ की आपको आज का ब्लॉग पसंद आया होगा जो की ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है? ( Operating System In Hindi ) से रिलेटेड है और अगर इससे रिलेटेड किसी तरह के मन मे डाउट हो तो नीचे कमेन्ट जरूर करे जिससे की आपका सवाल का जवाब सही से और जल्दी से मिल सके।

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