Computer Kya Hai?

Computer Kya Hai? | Future | Generation

दोस्तों आज किस ब्लॉग में हमलोग बात करने वाले हैं कि कंप्यूटर क्या है? ( Computer Kya Hai? ) और उस से रिलेटेड जितना भी टॉपिक्स होंगे जो कि आप लोग को जानना जरूरी है वह चीज को इस ब्लॉग में हम लोग कवर करें जिससे कि आपको ज्यादा से ज्यादा कंप्यूटर के बारे में जानकारी हो।

Computer Kya Hai?

कंप्यूटर एक प्रकार का Electronic Machine होता है जिसमे की यूजर द्वारा दिया गया Instruction को Processor के द्वारा Process करता है और उसके बाद वह Monitor पर Output जिसको की डिस्प्ले करना कहते है वो करता है, अभी के समय में कंप्यूटर के बिना कोई काम नहीं हो पा रहा है।

क्योंकि अभी तक ऑनलाइन हो चुका है और अगर किसी चीज के बारे में जानकारी चाहिए होता है तो वह हम सब एक सेकंड में इंटरनेट के मदद से हम उसके बारे में जान सकते हैं जैसा कि अभी आप इंटरनेट पर सर्च किए Computer Kya Hai In Hindi जहां पर हमारा वेबसाइट आ रहा था।

कंप्यूटर में आप अपने Important Data को संभाल कर रख सकते हैं और जिसको आप जब चाहे तब उपयोग में ले सकते हैं, अगर आप चाहो तो कंप्यूटर की मदद से आप अपना इंपोर्टेंट डाटा को Cloud में संभाल के रख सकते हैं जिसको जब चाहिए आप Access कर सकते हैं.

कंप्यूटर के मदद से आप एक देश से दूसरे देश ट्रक अपने बारे में जानकारी दे सकते हैं था एक जगह से दूसरे जगह के बीच में Communication कर सकते हैं और अगर आप चाहे तो 1 सेकेंड के अंदर एक फाइल को एक जगह से दूसरे जगह भेज सकते हैं.

कंप्युटर को हिन्दी मे संगणक मशीन कहा जाता है और कंप्यूटर का नाम “ Compute “ शब्द से हुआ है जो की अंग्रेजी नाम है जिसका अर्थ है – “ गणना करना “।, कंप्यूटर निम्नलिखित चीजों पर निर्भर रहता है –

  • High Storage Capacity
  • Speed
  • Automation
  • Capacity
  • Accuracy
  • Versatile
  • Reliability

High Storage Capacity

इसका मतलब ये है की आप अपने कंप्युटर या लैपटॉप मे जितना चाहो उतना Storage का File Store कर सकते है, जैसे की अगर आपके पास 2000 GB के फाइल है तो आप उसको अपने कंप्युटर मे सेव कर सकते है।

इसलिए इसको High Storage Capacity कहा जाता है और आज के समय मे इसका उपयोग ज्यादा हो रहा है क्योंकि हम सभी अपना लैपटॉप या कंप्युटर मे बहुत सारे फाइल रखते है और उसका कोई डाटा इधर उधर नहीं होता है।

Speed

 

कंप्युटर का स्पीड बहुत ज्यादा मायने रखता है क्योंकि जैसे ही अपने कंप्युटर को कोई भी Instruction देते है तो वो तुरंत हमे रिजल्ट दे देता है।

Automation

इसका मतलब ये है की जैसे की server को आप देखते होंगे की वो हमेशा चालू रहता है और उसमे किसी तरह के कोई दिक्कत नहीं होता है, हाँ ऐसा जरूर होता है की वो कुछ दिन बाद थोड़ा सा बंद होना चाहिए क्योंकि अगर किसी चीज को रात दिन ऑन रखेंगे तो दिक्कत तो होगा ही।

इसलिए उसको 1- 2 घंटा के लिए कभी कभी बंद किया जाता है जो की निश्चित टाइम होता है, लेकिन वो काम Automatic ही करता है।

Capacity

Computer का कपैसिटी अच्छा होता है जिससे आप जैसा चाहो वैसा काम करवा लो, जैसे की अभी के समय मे सॉफ्टवेयर इंजीनियर इसपर ही अपना सॉफ्टवेयर बनाकर रन करते है और टेस्टिंग भी करते है तो ये सब सिर्फ और सिर्फ Capacity के कारण ही हुआ करता है।

या लोग अभी के समय मे कंप्युटर पर गेम खेलते है तो उसका Processing बहुत ज्यादा होता है जिसके कारण वो सही से गेम खेल पाते है।

 

Accuracy

इसका मतलब ये है की जब हम अपने कंप्युटर को कोई Instruction देते है तो उस समय वो सही से और जल्दी से जवाब देता है जो की एकदम सही होता है और उसमे किसी तरह के कोई दो मत नहीं होता है।

Versatile

इसमे अनेक गुण होता है जिसको की कह सकते है की ये Multi Talented है जैसे की अभी आप एक आर्टिकल पढ़ रहे है और आप चाहते है की इस वेबसाईट के हर एक पॉइंट को कोवर करके उसको एक पेज पर प्रिन्ट कर ले तो वो भी आप आसानी से कर सकते है।

इससे फायदा ये हुआ की आपको इसके बारे मे लिखने के जरूरत नहीं हुआ और आप आसानी से उसका मुख्य मुख्य पॉइंट को एक पेज पर प्रिन्ट कर लिए।

Reliability

इसका मतलब ये है की कंप्युटर मे अभी आप कुछ भी पूछते है तो उसका सही सही जवाब इंटरनेट के मदद से मिल जाता है तो इसलिए आजकल इसको लोग सबसे ज्यादा प्राथमिकता दे रहे है की अगर कहीं किसी को कोई चीज नहीं समझ मे आ रहा है तो वो इंटरनेट के मदद से जान सकते है।

Computer Ka Full Form Kya Hai?

कंप्यूटर का फुल फॉर्म –

C – Commonly
O – Operated
M – Machine
P – Particularly
U – Used for
T – Technical and
E – Educational
R – Research

Computer Ka Itihas

कंप्यूटर का आविष्कार चार्ल्स बैबेज ( Charles Babbage ) वैज्ञानिक ने कीये थे, ऐसे तो कोई निश्चित समय या काल नहीं मालूम है की कब कब क्या हुआ लेकिन Computer Ke Generation से हमे मालूम चलता है की कब कब क्या बनाया गया है।

कंप्युटर के जनरेशन को मुख्यतः पाँच भागों मे बांटा गया है जो की निम्नलिखित है –

Computer Ka Generation

First Generation Computer – 1940 – 1956 – Vacuum Tubes

इस generation के कंप्युटर जो की वैक्यूम ट्यूब नाम था, का इस्तेमाल Circuitry एर Magnetic Drum के मेमोरी के लिए उपयोग किया जाता था और ये साइज़ मे बहुत ज्यादा बड़ा हुआ करता था इसलिए इसको चलाने मे बहुत ज्यादा शक्ति लगता था।

ये साइज़ मे बहुत बड़ा था इसलिए ये गरम ज्यादा हुआ करता था और इसको Operate करने के लिए इसमे Machine Language जैसे की UNIVAC और ENIAC Computers का इस्तेमाल हुआ करता था।

2nd Generation 1956 – 1963 – Transistors

वैक्यूम के तुलना मे Transistors छोटा हुआ करते थे और छोटा होने के कारण इसका काम जल्दी हो जाता था इसलिए ये फ़ास्टर थे और ये छोटे होने के कारण इसका दाम कम था मतलब सस्ते थे और छोटे होने के कारण ही इसमे कम बिजली के खपत होती थी।

छोटा होने के कारण ये काम सही से कर लेता था और इसमे हीट भी थोड़ा कम होता था और बढ़िया से काम करता था लेकिन हीट तो होती थी और इसको चलाने के लिए इसमे जो Progaraming Language का उपयोग होता था वो COBOL और FORTRAN थे ।

3rd Generation 1964 – 1971 – Integrated Circuits

इस पीढ़ी मे सबसे पहली बार Integrated Circuit का इस्तेमाल हुआ था और इसमे भी Transistors का उपयोग हुआ था लेकिन उसको बाहर नहीं बल्कि इसको छोटे छोटे भाग मे करके इसको Silicon Chip के अंदर डाल दिया जाता था, जिसको की अभी Semiconductor कहा जाता है।

और ये सबसे पहली कंप्युटर है जिसका यूजर फ़्रेंडली बनाना गया था और इसमे Monitor, Keyboard, Mouse और Operating System का उपयोग हुआ था और इसी को सबसे पहली बार बाजार मे लाया गया था।

4rth Generation Computer 1971 – 1985 – Microprocessor

जैसा की Integrated Circuit मे हमने पढ़ा की उसमे Transistors को छोटे छोटे भागो मे करके उसको Silicon Chip मे डाल दिया जाता था लेकिन इसमे उल्टा है, इसमे Integrated Circuit को ही छोटे छोटे करके Silicon Chip मे भर दिया जाता था।

और Integrated Circuit को Silicon Chip मे भरने के कारण उसमे कम जगह लगने लगा जिससे की उसका साइज़ कम हो गया और इसमे Microprocessor का उपयोग करने से इसका काम करने का Capacity बढ़ गया जिससे की ये बहुत बढ़िया से काम कर ले रहा था।

5th Generation Computer – 1985 – Present – Artificial Intelligence

अभी के समय मे जो जो कंप्युटर का उपयोग हो रहा है वो सभी 5th Generation का Computer है जो की Artificial Intelligence जैसे काम करता है क्योंकि अभी के समय मे सबसे ज्यादा इसी का उपयोग हो रहा है हर मशीन मे।

ये एक ऐसा Generation बना हुआ है जो की ये खुद ही Decision लेने मे कायम है क्योंकि इसके अंदर Artificial Intelligence है।

Computer Kaise Kaam Karta Hai? – How Computer Works In Hindi

कंप्युटर निम्नलिखित तीन स्टेप्स को फॉलो करके काम करता है –

Input – इसका मतलब ये है की आप जब अपना कंप्युटर को जो भी इन्स्ट्रक्शन देते है उसको इनपुट कहते है और वो इसी के Base पर काम करता है, जैसे की आप अपना कंप्युटर को Instruction दिए की Chrome Browser खोलो तो वो आपका Input हो गया।

Process – इसका मतलब ये है की आप जो भी Input दिए है उसको पहले Processor, Process करके समझेगा की आपने क्या Instruction दिया है जिसको उसको Process करना है जैसे की आपने Chrome Browser खोलने का Instruction दिया था तो वो Chrome Browser खोलेगा।

Output – इसका काम सबसे Last मे आता है की आपने जो Input दिया और जो Process हुआ है उसके बाद जो Monitor पर Show होता है उसको ही Output कहते है, मतलब की आपका अब Chrome Browser खुल जाएगा और आपके Monitor पर दिखने लगेगा।

Computer Ke Kaun Kaun Se Parts Hote Hai?

Motherboard

मदरबोर्ड Printed Circuit Board ( PCB ) होता है जो की बहुत सारे Transistors से बना हुआ होता है, मदरबोर्ड, एक कंप्युटर के लिए बहुत जरूरी होता है जहां पर सभी तरह के हार्डवेयर लगाए जाते है जैसे की CPU, RAM, Hard Drive, Expansion Card इत्यादि।

और इसमे पोर्ट के मदद से इक्स्टर्नल हार्डवेयर को भी कनेक्ट किया जाता है जैसे की Monitor, Keyboard, Mouse, Pen Drive इत्यादि।

RAM

RAM का फूलफोरम Random Access Memory होता है जो की Temporary Memory भी कहते है जिसका मतलब ये है की यूजर द्वारा दिया गया Instruction को कुछ देर के लिए स्टोर करता है और जब कंप्युटर या लैपटॉप बंद होता है तो उसके बाद उसका डाटा हट जाता है।

कंप्युटर मे जितना ज्यादा अधिक Capacity के RAM होगा, उतना ही वो कंप्युटर के लिए सही होता है और ये कंप्युटर के स्पीड को बूस्ट करता है तो अगर आपके कंप्युटर मे हैंग होने की समस्या है तो RAM के साइज़ को थोड़ा बढ़ाइए।

Processor/ CPU

प्रोसेसर को कंप्युटर के दिमाग और हार्ट दोनों कहा जाता है, जिसका मतलब ये है की कंप्युटर इसी के बदौलत चलता है और हम जब भी कंप्युटर को कोई इन्स्ट्रक्शन देते है तो उस समय यही प्रोसेस करके हमे डाटा प्रवाइड करता है।

ऐसे तो कंप्युटर के हर पार्ट जरूरी है लेकिन ये सबसे ज्यादा जरूरी है, और अगर आपका कंप्युटर का स्पीड स्लो है तो आप उसमे प्रोसेसर को चेंज कर सकते है और अपना कंप्युटर के हिसाब से दूसरा प्रोसेसर लगा सकते है।

Monitor

Monitor का काम है किसी भी चीज को Display करना या Output देना, मानिटर एक टीवी के आकार जैसा एक डिस्प्ले होता है जिसमे की कंप्युटर मे दिए गए इन्स्ट्रक्शन को प्रोसेस करके उसको दिखने का काम करता है।

Keyboard

कीबोर्ड एक प्रकार का हार्डवेयर होता है जिसके मदद से लोग अपने कंप्युटर मे कुछ टाइप कर सकते है या फिर कह सकते है की उसके मदद से वो अपना कंप्युटर को इन्स्ट्रक्शन देते है, जिसके बाद कंप्युटर उस इन्स्ट्रक्शन को पढ़ता है और उसके बाद उसका आउट्पुट देता है।

Mouse

माउस एक प्रकार का इनपुट डिवाइस है जो की कंप्युटर को इन्स्ट्रक्शन देता है जैसे की अगर आप अपने कंप्युटर मे किसी फाइल को खोलने जाएंगे तो उसके लिए आप फाइल पर जाकर Double Click करेंगे तो वो आसानी से खुल जाएगा।

तो इसका मतलब ये है की आप अपना कंप्युटर को अपने माउस के द्वारा Instruction दिए की इस फाइल को खोलो और वो फाइल खुल गया।

UPS

UPS का फूलफोरम Uninterruptible Power Supply होता है जो की कंप्युटर को बैकअप देने का काम करता है, जैसे की अगर आप कंप्युटर चला रहे है और लाइट कट जाए तो उस समय आपको UPS Power Supply करेगा ताकि आप जो काम कर रहे हो वो सेव करके कंप्युटर को बंद कर सको।

ये बहुत ज्यादा जरूरी है अगर आपके पास कंप्युटर है क्योंकि ये आपके कंप्युटर को Direct बंद होने से रोकता है जिससे की आपका हार्ड ड्राइव सुरक्षित रहता है और अगर ऐसा नहीं हुआ तो आपका कंप्युटर का हार्ड ड्राइव खराब हो जाएगा।

Hard Disk Drive

हार्ड ड्राइव का उपयोग कंप्युटर मे इसलिए किया जाता है की उसमे आप अपने कंप्युटर का ऑपरेटिंग सिस्टम को सेव करके उसका उपयोग कर सके और अपना जरूरी फाइल को सेव कर सके और जब जरूरी पड़े तब आप उसका उपयोग कर सके।

ये कंप्युटर के लिए बहुत ज्यादा जरूरी है और अगर आपका कंप्युटर स्लो काम कर रहा है तो आप इसको SSD ( Solid State Drive ) मे कन्वर्ट कर सकते है जिससे की आपका कंप्युटर पानी के जैसा काम करने लगेगा।

अभी के जो जो कंप्युटर या लैपटॉप या रहा है उसमे सालिड स्टेट ड्राइव ( SSD ) ही या रहा है जिसे की आज का काम सबसे आसान हो गया है, और इसमे समय का भी बचत होता है।

Computer Ke Prakar – Types Of Computer In Hindi

Desktop

Desktop को आप हमेशा किसी बैंक या ऑफिस मे देख सकते है या फिर कहीं कहीं घर मे भी दिख जाएगा, जिसमे की सभी पार्ट अलग होते है जैसे की मानिटर, CPU, Keyboard, Mouse और UPS इत्यादि सभी अलग अलग होते है।

कंप्युटर थोड़ा जल्दी काम करता है लैपटॉप से, क्योंकि डेस्कटॉप मे हर चीज मे जगह होता है जिससे की वो आसानी से प्रोसेस कर सके और वो जल्दी गरम भी नहीं होता है जिससे की आप आसानी से चला सकते है और किसी तरह के कोई दिक्कत न हो।

Laptop

लैपटॉप को ज्यादातर घर मे देख सकते है या फिर ऑफिस मे थोड़ा बहुत और बैंक मे भी थोड़ा बहुत, जिसमे की सभी चीज एक ही जगह मे होता है और सबसे बड़ी बात ये है की ये पोर्टेबल होता है जिसके मदद से हम अपना लैपटॉप को कहीं भी ले जा सकते है।

और अभी के समय मे सबसे ज्यादा यही लोग उपयोग कर रहे है जिससे की वो आसानी से एक जगह से दूसरे जगह तक जा सकते है वो भी एक बैग मे रख के, इसलिए इसका उपयोग ज्यादा होता है और अभी के समय मे ये पतला होता जा रहा है।

Tablet

ये एक मोबाईल के ही जैसा होता है जिसमे की Screen Touch एक Display होता है और उसी के मदद से हम अपने Tablet को Instruction देते है जिससे की वो Process करने के बाद Output देता है, और ये Mobile से अलग इसलिए है क्योंकि इसका Screen Size बड़ा होता है।

और ऊपर से इसका Operating System भी अलग अलग होता है, कहीं कहीं Android, ioS, Windows इत्यादि तरह तरह के सिस्टम सॉफ्टवेयर के साथ आते है।

Servers

ऐसे कंप्युटर जो एक जगह से दूसरे जगह तक का Communication कर सके उसको सर्वर कहते है जैसे की अभी के समय मे आप इंटरनेट पर सर्च कीये है की Computer Kya Hota Hai? और हमारा डाटा सर्वर पर उपलब्ध है तो आप इसको Access कर रहे है।

Computer Ka Upyog – Use Of Computer In Hindi

Education

शिक्षा के क्षेत्र मे Computer का अलग ही महत्व है जहां से लोग अपना ज्ञान को बढ़ा रहे है और अगर किसी जगह उन्हे परेशानी हो रही होती है तो वो आसानी से लैपटॉप या कंप्युटर को ऑन करके इंटरनेट पर सर्च करते है और उनका सवाल का सही सही जवाब मिल जाता है।

कंप्युटर के मदद से लोग Coding सीखते है और उसको सही से Implement करके Software Engineer बनते है और तरह तरह के Software बनाते है तो यही सब देख के लगता है की कुछ दिन मे कंप्युटर आक्सिजन का जैसे काम करेगा।

और जैसा की अभी देख ही रहे है की Lockdown के वजह से लोगो का पढ़ाई अनलाइन हो गया है और वो कंप्युटर और लैपटॉप के मदद से पढ़ रहे है।

Health & Medicine

ये Health या Medicine मे इसलिए उपयोग होने लगा है क्योंकि इसके वजह से सभी काम आसान हो गया है और आसानी से सब काम हो जा रहा है, हेल्थ मे आप देख सकते है की जब आप CT Scan करवाने जाते है तो उस समय कंप्युटर के मदद से ही सभी काम होता है।

और Medicine मे आप देखते होंगे की जब आप मेडिकल मे जाते है और दवा लेते है तो उस समय वहाँ पर कंप्युटर के माध्यम से बिल बनाता है और भी बहुत कुछ वो कंप्युटर के माध्यम से करता है तो इसलिए कंप्युटर का इस्तेमाल हर जगह होता है।

Business

इसका उपयोग उस बिजनस मे होता है जहां पर कंप्युटर के बिना कोई काम नहीं होने वाला है जैसे की Trading, Stock, Marketing, Banking इत्यादि मे किया जाता है, इन सभी मे कंप्युटर के बिना कोई काम नहीं होने वाला होता है।

Government

सभी देश के सरकार भी कंप्युटर का इस्तेमाल करते है जैसे की ट्राफिक को मैनेज करना, Education को मैनेज करना और भी बहुत कुछ कंप्युटर के मदद से किया करते है।

Computer Ke Laabh Kya Hai?- Benefits Of Computer In Hindi

Multitasking

इसका मतलब ये है की आप एक समय मे अनेक काम कर सकते है अपने कंप्युटर मे जिसमे किसी तरह के कोई दिक्कत नहीं है, जैसे की अगर आप अभी इंटरनेट उपयोग कर रहे है और Chrome खोले हुए है तो उसी समय आप Photoshop भी खोल सकते है।
जो की सबसे पहले के कंप्युटर मे नहीं था लेकिन अभी के हर कंप्युटर मे है और लोग इसका उपयोग आसानी से और जल्दी से करते है क्योंकि एक ही समय मे आपका दो काम हो जाता है इसलिए कंप्युटर को Multitasking भी कहा जाता है।

Speed

Computer का काम करने का स्पीड फास्ट है क्योंकि इसमे अगर आप किसी तरह के कोई Instruction देते है तो ये जल्दी से जल्दी आपके सामने ला देता है चाहे वो किसी तरह के कोई Instruction हो, जैसे की आप अपने कंप्युटर को Instruction दिए की महात्मा गांधी के बारे मे बताओ तो वो उनके बारे मे बताएगा।

Storage

इसमे आप Low Cost मे अपना Data को Store करके रख सकते है जिससे की आपका computer के डाटा को कोई Access नहीं कर सकता है और अभी के समय मे सबसे ज्यादा इसी पर Depend होता है जैसे की हम सब जानते है की किसी कंपनी के डाटा इतना Important होता है।

तो वो सब अपने Data को एक जगह सही से Store कर देते है जिसको वो अपना काम के अनुसार Access कर सकते है।

Accuracy

इसका मतलब ये है की अगर आप अपने कंप्युटर को कोई Instruction दिए तो वो सही से उसको Calculate या Accurate Answer देगा जिसमे कोई सोचने वाली बात नहीं है, इसलिए कंप्युटर को Accurate कहा जाता है।

Security

इसका मतलब ये है की अगर आप अपना जरूरी फाइल को कंप्युटर मे सेव कीये हुए है और अपने कंप्युटर मे लॉक लगाए हुए है तो आपका कंप्युटर कभी कोई खोल नहीं सकता है और ये सबसे बड़ी बात है।

Computer Ka Future – Future Of Computer In Hindi

कंप्युटर का भविष्य एकदम ब्राइट है क्योंकि अभी के समय मे सब कुछ अनलाइन हो गया है और धीरे धीरे सब अनलाइन की ओर जा रहा है, उदाहरण के लिए अगर आपको अपना आधार कार्ड को सुधरवाना है तो वो भी अनलाइन ही काम होगा।

तो अभी के समय मे तो ऐसा है वही अगर 10 साल बाद की बात करे तो उस समय सभी काम अनलाइन और कंप्युटर पर Depend होने वाला है और इसमे किसी तरह के कोई शक नहीं है।

Also Read

 

Conclusions Of Computer Kya Hai?

दोस्तों आशा करता हूँ की आपको आज का ब्लॉग पसंद आया होगा जो की Computer Kya Hai? से रिलेटेड है और अगर इससे रिलेटेड किसी तरह के कोई डाउट हो तो नीचे कमेन्ट जरूर करे जिससे की आपका सवाल का जवाब जल्दी से और सही सही मिल जाए।

Related Posts

One thought on “Computer Kya Hai? | Future | Generation

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *