What Is GST In Hindi

What Is GST In Hindi? | Types Of GST – HindiNeeti

दोस्तों आज के इस ब्लॉग मे हम बात करने वाले है की जिएसटी क्या होता है? ( What Is GST In Hindi? ) और इससे रिलेटेड सभी तरह के टॉपिक को कवर किया है जिससे की आपको इसके बारे मे सही सही और ज्यादा से ज्यादा ज्ञान हो ताकि आप किसी और के साथ इसके बारे मे सही ज्ञान दूसरे को दे सके।

जिएसटी क्या होता है? ( What Is GST In Hindi? )

GST एक प्रकार का टैक्स है जो किसी समान को खरीदने पर या फिर किसी तरह के सर्विस लेने पर लगता है और ये सभी लोगो के लिए मान्य है की वो टैक्स का भुगतान करे जैसे की अगर कोई खरीद रहा है तो उसको भुगतान करना होता है और जो दुकानदार होता है उसको भी GST का भुगतान करना होता है जब वो समान खरीदने जाता है।

GST को लागू हुए लगभग लगभग 4 साल हो गया है और अभी तक इसके बारे मे सही से जानकारी नहीं है और इसके बारे मे जानना सभी को जरूरत है क्योंकि वो समान पर क्यों टैक्स दे रहे है उसके बारे मे उनको अगर जानकारी न होगा तो किसको होगा इसलिए उनको इसके बारे मे जानना जरूरी होता है।

GST का फूलफोरम (Full form ) Goods And Services Tax होता है जिसको हिन्दी मे अगर बात करे तो माल एवं सेवा कर होता है। जिसको लोगो को जब वो किसी तरह के समान लेते है या फिर किसी तरह के कोई सर्विस लेते है तो उनको देना होता है और आपने सुना होगा की पहले के समय मे कई तरह के टैक्स लगते थे जैसे की – VAT, Entry Tax, Service Tax इत्यादि तो वो सभी को हटाकर बस एक टैक्स बनाया गया है जो की GST है। इसको भारत मे 1 जुलाई 2017 से लागू किया गया था जो की लगभग 4 साल हो गया है।

जिएसटी के प्रकार ( Types Of GST )

GST चार प्रकार के होते है जो की निम्नलिखित है –

  1. Central Goods And Service Tax ( CGST )
  2. State Goods and Service Tax ( SGST )
  3. Union Territory Goods and Service Tax ( UTGST/UGST )
  4. Integrated Goods and Service Tax ( IGST )

  • Central Goods And Service Tax ( CGST )
  • जब किसी समान या सर्विस के लिए लेन देन एक ही राज्य के दो कारोबारी के बीच मे हो तो उसके लिए केंद्र सरकार को जो पैसे जाते है उसको CGST कहा जाता है।

  • State Goods and Service Tax ( SGST )
  • इस प्रकार के टैक्स मे जब एक ही राज्य के दो कारोबारी के बीच लेन देन हो तो उसमे स्टेट गवर्नमेंट के लिए जो टैक्स जाता है उसको ही SGST कहा जाता है।

  • Union Territory Goods and Service Tax ( UTGST/UGST )
  • जब केंद्र शासित राज्य मे दो कारोबारी के लेन देन होता है और उससे जो केंद्र शासित राज्य के हिस्से के रूप मे जो टैक्स दिया जाता है उसको UTGST कहा जाता है।

  • Integrated Goods and Service Tax ( IGST )
  • जब दो अलग अलग राज्यों के कारोबारी के बीच लेन देन होता है तो उस समय केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों का हिस्सा होता है और वैसे मे सारा टैक्स केंद्र सरकार को दिया जाता है और बाद मे राज्य सरकार को उसका हिस्से का टैक्स दे दिया जाता है और वो तब पैसा देता है जब सप्लाइ भेजी जाती है तब।

    जिएसटी के फायदे ( GST Ke Fayde )

    GST के लागू होने से पहले हमारे देश मे बहुत सारे टैक्स हुआ करते थे जैसे की अगर कंपनी से समान बाहर निकल रहा है तो उसके लिए Excise Duty जैसा टैक्स देना होता था और अगर वो किसी तरह के कोई सर्विस होता था तो सर्विस टैक्स देना होता था इत्यादि जैसे टैक्स होते थे और ऐसे मे लोगो को सर घूम जाता था।

    उसी को देखते हुए भारत सरकार ने 1 जुलाई 2017 से एक नया टैक्स लाया जिसका नाम GST है वो सभी टैक्स से छुटकारा देकर बस आपको एक टैक्स के ऊपर फोकस कर दिया की अब आपको किसी भी प्रोडक्ट और सर्विस पर GST देना है चाहे वो बड़ा समान हो या छोटा सभी के लिए एक समान टैक्स।

    इसका उदाहरण ये है की अगर आपके पास लैपटॉप है और उसमे किसी तरह के कोई दिक्कत आ जाता है और आप उसको शॉप पर लेकर जाते है और उसके बाद जब आप उसको बनवाते है तो उस समय भी आपको 18% का जिएसटी देना होता है तो इसमे अगर आपको 1000 रुपया लगा तो आपको उसके लिए उसको 180 रुपया ज्यादा होगा मतलब की 1180 रुपया आपको देना होगा।

    हर तरह के लोगो को जिएसटी का अलग फायदा है जो की निम्नलिखित है –

    GST Benefits For Common People

    1. किसी भी समान पर दुबारा कोई टैक्स नहीं लगेगा जिससे की उसका प्राइस नहीं बढ़ेगा जिससे की आम लोगो के पॉकेट पर किसी तरह के कोई दिक्कत नहीं आएगा।
    2. हर आदमी के लिए जरूरी चीजों पर कम टैक्स लगा हुआ है जिससे की जरूरी चीजों पर कम टैक्स देना पड़े और हमारा काम चल सके।
    3. हर तरह के समान या सर्विस पर जिएसटी लगने पर सरकार के फायदा होगा जिससे की आम लोगो के लिए सड़क परिवहन, स्वास्थ्य इत्यादि चीजों पर फायदा मिल सके।

    GST Benefits For Businessman

    1. सभी टैक्स के जगह एक टैक्स होने से फायदा हो जाता है किसी तरह के कोई टेंशन नही रहता है आज ये टैक्स चुकाना है इत्यादि और ऊपर से हर राज्य के लोग खुद टैक्स तय करते थे तो किसी समान पर ज्यादा कर दिए किसी समान पर कम जिससे की दिक्कत होता था लेकीन अब वैसा कुछ नहीं है बल्कि हर समान के लिए एक टैक्स है।
    2. GST मे हर चीज अनलाइन होगा जिससे की अगर किसी को डॉक्यूमेंट ये सब का काम होगा तो वो अनलाइन ही हो जाएगा जिससे की अगर किसी तरह के कोई डॉक्यूमेंट खो जाता है तो उसको ऑनलाइन ही सुधार सकते है और ऑफिस ये सब के चक्कर लगाने से बच सकते है।

    जिएसटी क्यों लागू हुआ? ( Why We Use GST In Hindi )

    भारत के संविधान मे जितना भी टैक्स संबंधित नियम थे उनमे सभी तरह के समान के उत्पादन और सर्विस पर टैक्स सिर्फ केंद्र सरकार लगाया करता था लेकीन वहीं उस समान के बिक्री और सर्विस के देने के लिए जो टैक्स लगाते थे वो राज्य सरकार ही निर्धारित कर सकते थे। जिसमे सभी लोगो ने तरह तरह के टैक्स लगाने शुरू कर दिए और इससे एक समान पर बहुत ज्यादा टैक्स लग जा रहा था जिससे छोटे छोटे कंपनी को दिक्कत होने लगता था।

    और इसी कारण GST को लाया गया जिसको की समान और सेवा दोनों पर लगाया जा सके और उसके साथ ही साथ उस समान को बनने से लेकर उस समान को बिकने तक का एक ही टैक्स लग सके जिससे की लोगो को भी परेशानी न हो और उसके साथ ही साथ कंपनी को भी किसी तरह के कोई परेशानी न हो।

    जिएसटी की विशेषता ( Feature Of GST In Hindi )

    One Tax

    इसका मतलब ये है की आपको किसी भी तरह के समान या फिर सर्विस पर सिर्फ एक ही बार टैक्स देना होता है जो की इससे पहले बहुत ज्यादा टैक्स मे शामिल हो जाते थे।

    One Rate

    इसका मतलब ये है की पहले के समय मे सभी राज्य मे सभी तरह के सर्विस या फिर समान पर अलग अलग टैक्स लगते थे जिससे की हर जगह जगह अलग अलग समान के दाम होते थे लेकीन GST के आने के बाद हर जगह एक ही रेट रहने लगा चाहे आप कोलकाता से हो या फिर जम्मू से सभी जगह पर एक ही टैक्स लगता है।

    Double Tax

    इसका मतलब ये है की आपको हर तरह के प्रोडक्ट और सर्विस पर सिर्फ एक ही टैक्स देना होता है और इससे टैक्स के दबाव नहीं होता है जिसको आसानी से चुकाया जा सकता है।

    Less Rate

    इसका मतलब ये है की इसमे आपको किसी तरह के ज्यादा सरकारी विभागों की जरूरत नहीं होती है जिससे पैसा बचत है और ऊपर से ज्यादा टैक्स नहीं होने के कारण उसमे कम रेट लगता है।

    One Return

    इसका मतलब ये है की अगर आप किसी चीज का एक रुपया दे रहे है तो उसका रिटर्न भी एक ही रुपया होगा तो बिल्कुल इसी तरह जितना की आप टैक्स देंगे उतना ही आपके पास रिटर्न आएगा।

    Tax On Consumption

    इसका मतलब ये है की हर समान पर उसका फाइनल प्राइस मे सभी तरह के टैक्स included होता है और ऐसे मे हर खरीद पर उसको जिएसटी दिया रहा होता है और इससे किसी तरह के कोई दिक्कत नहीं होता है क्योंकि वो बेचने वाला के हाँथ मे होता है की वो सभी तरह के टैक्स को सरकार के खाता मे डाले।

    Input Credit System

    इसका मतलब ये है की हर एक प्रोडक्ट को कई बार खरीद और बिक्री होता है तो ऐसे मे उसका टैक्स लग लग कर उसका पैसा तो बढ़ जाता लेकीन ऐसा नहीं होता है की क्योंकि उसमे Input Credit System होता है जिसका मतलब ये है की कस्टमर तक पहुँचने से पहले जितना जितना जहां जहां टैक्स लगा हुआ है उसको वापस पाने के इसमे फीचर है।

    Online System

    जैसा की अभी के समय मे सभी चीज अनलाइन हो गया है और ऐसे मे सभी तरह के गड़बड़ी को आसानी से पकड़ सकते है और ऐसे मे बड़े बड़े कारोबारी से टैक्स वसूले जाते है जिससे कभी गड़बड़ी हो ही नहीं सकता है क्योंकि वो किसी तरह के टैक्स मे छूट देकर अपना क्रेडिट थोड़े खराब करना चाहेगा इसलिए इसमे गड़बड़ी नहीं होती है।

    टैक्स पर मनमानी बंद

    जैसा की हमने पहले ही बताया की पहले के टैक्स मे हर राज्य सरकार अपना अपना राज्य मे हर समान पर खुद टैक्स लगाते थे लेकीन अभी के समय मे राज्य सरकार के हाँथ मे कुछ नहीं है बल्कि हर समान पर जिएसटी अलग अलग लगा हुआ है जिसके बारे मे नीचे हम जानेंगे और इसी के कारण किसी तरह के कोई मनमानी न होगा और सभी जगह एक ही रेट रहेगा।

    जिएसटी की दरें ( Rates Of GST इन हिन्दी )

    जैसा की हमने पहले ही देखा की जो चीज अतिआवश्यक है उसमे कम टैक्स लगता है और जो चीज उतना ज्यादा इम्पॉर्टन्ट नहीं है तो उसमे ज्यादा टैक्स लगाया गया है और जिएसटी की दरों को निम्न भागों मे बाँट दिया गया है –

    • 0% GST – जीवन के लिए जितना भी जरूरी चीज है या फिर सेवा है उसपर जिएसटी नहीं लगता है जैसे की – अनाज, सब्जी, फल, फूल इत्यादि पर किसी तरह के कोई जिएसटी नहीं लगता है।
    • 05% GST – इसमे आपको जीवन के लिए थोड़ा बहुत जरूरी चीजों पर टैक्स लगता है जैसे की चीनी, चाय, तेल, मसाला उर्वरक इत्यादि मे आपको जिएसटी लगता है।
    • 12% GST – समान्य जीवन के लिए उपयोगी चीज जैसे की नमकीन, दंतमंजन, छाता, दवाइयाँ इत्यादि चीजों पर 12% जिएसटी लगता है।
    • 18% GST – इस तरह के टैक्स वैसे चीजों पर लगता है जो की मध्य स्तर पर होते है जैसे की इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट, चॉकलेट, आइसक्रीम, इत्यादि पर लगते है।
    • 28% GST – वैसे चीज जो की हानिकारक होते है उसके लिए इस तरह का टैक्स लगता है जैसे की पान- मसाला, फाइव स्तर होटल मे रहने के लिए या ऑटोमोबाईल के लिए इतना टैक्स लगता है।

    जिएसटी मे टैक्स कैसे भरे? ( How To Pay GST Tax In Hindi )

    GST को भरने के लिए कंपनी को पेमेंट करना होता है और बाकी के लोग अपने समान के पैसे मे ही सभी तरह के टैक्स अदा करते हुए जाते है जैसे की अगर मान लीजिए की एक बिस्किट बनकर तैयार होता है तो वो कंपनी से निकलकर होल्सैल के पास आता है और कंपनी वाला होल्सैल से अपना जिएसटी के टैक्स के साथ पैसे ले लेता है।

    अब जब होल्सैल वाला अपना समान को किसी दुकानदार को देगा तो उसका जितना पैसा लगा है उसके हिसाब से वो पैसा ले लेगा और उसके बाद जब वो समान कस्टमर को बेचेगा तो उसको जोड़कर वो पैसा ले लेगा और अंत मे किसी तरह के कोई टैक्स की जरूरत नहीं पड़ेगी इसको एक उदाहरण से समझते है।

    जैसे की कंपनी से होल्सैल के पास बिस्किट 5 रुपया मे बिक रहा है जिएसटी के साथ तो वैसे मे जब वो दुकानदार को बेचेगा तो उससे वो 5 रुपया मे ही बेचेगा और जब कस्टमर खरीदेगा तो वो भी 5 रुपया मे ही लेगा तो इससे किसी को कहीं गड़बड़ नहीं हुआ क्योंकि सबने सही से टैक्स भरते हुए काम किया है और जो कंपनी होगा वो जिएसटी को सरकार के खाते मे डाल देगा।

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    दोस्तों आशा करता हूँ की आपको आज का ब्लॉग पसंद आया होगा जो की जिएसटी क्या होता है हिन्दी मे ( What Is GST IN Hindi ) के बारे मे था और अगर इससे रिलेटेड किसी तरह के मन मे डाउट हो तो नीचे कमेन्ट जरूर करे जिससे की आपका सवाल का जवाब जल्दी से आपको मिल सके।

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